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मोदी या राहुल – वर्ष 2019 किसके लिए अच्छा साबित होगा

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सबसे पहले तो यहाँ यह उल्लेख करना उचित होगा कि दोनों नेताओं कि कुंडलियाँ बहुत प्रामाणिक नहीं हैं, पर मैंने जिन कुंडलियों का प्रयोग किया है वे ही वरिष्ठ ज्योतिषियों द्वारा संभल-संभल कर प्रयोग की जा रही हैं। राहुल गांधी के जन्म समय का विवरण अस्पताल से मिला है परंतु ऐसा कई बार पाया गया है कि नेता अपनी वास्तविक कुंडली छुपा लेते हैं। पर सीमित संसाधनों में हम इन दोनों कुंडलियों को आधार मानकर 2019 के लिए भविष्यवाणी कर रहे हैं।


राहुल गांधी

राहुल गांधी बहुत दिनों बाद अच्छी दशा में आते दिख रहे हैं। सप्तमेश और मार्केश मंगल की दशा की आखिरी अंतर्दशा चंद्र सितंबर 2018 से 2019 के अप्रैल मध्य तक चलेगी। क्योंकि चंद्र दष्मेश होकर कई राजयोगों मे रहते हुये मंगल सूर्य युति से दृष्ट है। सितंबर 2018 से ही राहुल गांधी की कुंडली मे बहुत सुधार आया है। काँग्रेस ने इस बीच 4 बड़े राज्यों में बीजेपी को हरा कर विजय प्राप्त की अप्रैल मध्य 2019 से राहुल गाँधी पंचम भावस्थ राहु की महादशा में आ जाएंगे। पांचवां भाव राजनीतिज्ञ के लिए बहुत ही अच्छा होता है। राहु स्वयं राहु के नक्षत्र तथा शनि की राशि में है। राहु का डिस्पोजिटर स्वयं शनि है। कुल मिलाकर दशा ठीक है। यह राहु लगनस्थ वक्री बृहस्पति द्वारा दृष्ट भी है। इसलिए वे आने वाले चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करते दिख रहे हैं। कम से कम विपक्ष के अन्य नेताओं पर बहुत भारी पड़ेंगे। वे स्वयं प्रधानमंत्री बन पाएंगे या नहीं यह कहना तभी संभव है जब गठबंधनों का निर्धारण हो जाए और चुनावों की घोषणा हो जाए । क्योंकि मेदिनी ज्योतिष में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित होने के बाद ही इस सम्बन्ध में भविष्यवाणी की जाती है।

 


नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी इस समय नीच के परन्तु प्रभावी राजयोगों में शामिल चंद्र की महादशा में चल रहे हैं। यह आश्चर्य की बात नहीं क्योंकि इसी महादशा में वे प्रधान मंत्री बने थे। परन्तु तब राजयोगकारी बृहस्पति की अंतर्दशा थी। शनि नवम, लक्ष्मी, भाग्य भाव को देख रहा था। परन्तु इस समय सप्तमेश और द्वादशेश परन्तु दशम भाव स्थित शुक्र के अंतर में चल रहा है। मतलब 2014 के चुनावों में चंद्र - गुरु की दशा थी। 2019 में मोदी जी चंद्र में शुक्र की दशा में चल रहे हैं। इस बीच 21 फरवरी से 13 अप्रैल उनके लिए परीक्षा की घड़ी होगी। मोदी जी का गोचर का शनि सामुदायिक अष्टक वर्ग में 31 विंदु में है। गोचर का बृहस्पति 30 विंदु पाये है जो ठीक है। क्योंकि शुक्र दशम भाव में चतुर्थेश होकर बैठा है इसलिए उनके दुबारा प्रधानमंत्री की संभावनाएँ क्षीण नहीं हुयी हैं । पर अबकी बार गृह उतने मजबूत नहीं हैं जितना 2014 में थे।


तो राहुल गांधी जी और मोदी में कौन प्रधानमंत्री बनेगा अभी यह बताना कठिन है। ज्योतिष में हमेशा तीसरे की भी संभावना रहती है। हाँ इतना जरूर है कि राहुल गांधी जी की कुंडली फिलहाल मजबूत है और आगे रहेगी होगी। बिना चुनावों की घोषणा हुये और गठबंधनों के आकार लिए प्रधानमंत्री कौन बनेगा यह बताना बिलकुल ही गलत है ।

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