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स्वयं अपनी हस्त रेखा देखकर जान सकते हैं अपनी किस्मत

May 01, 2018
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रेखाओं को पढ़ना एक कला है। क्षैतिज, घुमावदार और कुटिल, हाथ में ये तीन प्रकार की रेखाएं होती है जो व्यक्ति के भविष्य के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां देती हैं। भाग्य रेखा या नियति रेखा व्यक्ति के जीवन के काफी पहलुओं को दर्शाती है। व्यक्ति का जीवन का रूप इस रेखा पर निर्भर करता है। भाग्य रेखा से स्कूल और कॅरियर के चयन, सफलताओं और बाधाओं सहित व्यक्ति के जीवन से जुड़ी सभी बातें होती हैं। यह रेखा व्यक्ति के नियंत्रण से दूर होने वाली परिस्थितियों को दर्शाती है।

अगर भाग्य रेखा मणिबंध रेखा से होकर स्थान तक पहुंचती है तो व्यक्ति बहुत भाग्यशाली होता है। ऐसा व्यक्ति जीवन में बहुत महत्वाकांक्षी होता है। सफलता उसके कदम चूमती है। भाग्यशाली होने के लिए इस रेखा के बीच में कोई कटाव नहीं होना चाहिए। कटाव होने पर व्यक्ति को सफलता तो मिलती है परंतु बहुत कष्टों और संघर्ष के बाद। 

भाग्य रेखा का प्रभाव इस प्रकार देखा जा सकता है-  

अगर भाग्य रेखा गहरी रेखा होती है तो व्यक्ति के जीवन में भाग्य का नियंत्रण बहुत अधिक होता है। 
अगर रेखा कटी हुई और कई रास्तों में बंटी हुई होती है तो कई कारणों के चलते जीवन में अनेक परिवर्तनों की संभावना होती है। 
अगर भाग्य रेखा शुरू में जीवन रेखा से जुड़ी हुई होती है तो वो व्यक्ति जिसने खुद को सफलता की बुलंदियों तक लाया होता है उसकी इच्छाएं बहुत अधिक बढ़ने लगती है और वो महत्वाकांक्षी हो जाता है। 
अगर भाग्य रेखा बीच में जाकर जीवन रेखा से जुड़ जाती है तो व्यक्ति के जीवन में संघर्ष और बलिदान लिखा होता है। 

आपके शरीर का वो हिस्सा जो आपकी हथेली को हाथ के साथ जोड़ता है उसे कलाई कहा जाता है और इस जोड़ पर मौजूद रेखाएं ब्रेसलेट लाइन्स या मणिबंध रेखाएं कहालाती हैं। इन्हें रॉकेट लाइन भी कहा जाता है।

मणिबंध रेखाएं-  

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार मणिबंध रेखाओं से किसी भी व्यक्ति के जीवन और भाग्य की जानकारी मिलती है। मणिबंध की ये रेखाएं आपकी उम्र को भी दर्शाती हैं। किस व्यक्ति की कलाई पर कितनी मणिबंध रेखाएं होंगी इसका कोई भी अंदाज़ा नहीं लगा सकता और न ही इसकी कोई निश्चित संख्या होती है।

मणिबंध रेखाओं की संख्या - 

हर व्यक्ति की कलाई में मणिबंध रेखाओं की संख्या अलग-अलग होती है। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार एक मणिबंध रेखा से व्यक्ति की आयु लगभग 25 वर्ष बताई जाती है और इस प्रकार उम्र का आंकलन किया जाता है। पहली स्पष्ट रूप से चिन्हित मणिबंध रेखा जीवन के 23 से 28 वर्षों को दिखाती है। दूसरी मणिबंध रेखा जीवन के 46 से 56 वर्ष दिखाती है। तीसरी मणिबंध रेखा जीवन के 69 से 84 साल दिखाती है और चौथी रेखा लंबी आयु का प्रतीक होती है। यदि मणिबंध रेखाओं में कटाव हो, तो व्यक्ति का जीवन बाधाओं से भरा हुआ और कष्टदायक होता है। अगर रेखाएं गहरी और स्पष्ट हों,  तो व्यक्ति का जीवन सुखी होता है।

1. पहली मणिबंध रेखा एक विशेष स्वास्थ्य समस्या का परिचायक होती है। महिलाओं के हाथ में अगर ये रेखा ऊपर की तरफ हथेली की ओर टूटी कड़ियों में हो, तो महिला को अनियमित मासिक या गर्भ धारण में परेशानियां जैसे स्त्री-रोगों का सामना करना पड़ता है। पुरुषों के हाथ में अगर ये रेखा ऊपर की तरफ हथेली ही ओर जाती हुई और टूटी कड़ियों में हो,  तो उसे प्रोस्टेट, मूत्र या प्रजनन संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
2. दूसरी मणिबंध रेखा आमतौर पर धन, समृद्धि और जीवन में खुशी का सूचक होती है। ये एक सीधी रेखा के रूप में हो, तो धन, संपति और खुशी आपके पास हमेशा रहेगी। 
3. तीसरी मणिबंध रेखा एक व्यक्ति के जीवन में नाम, शोहरत और प्रसिद्धि का सूचक होती है। अगर ये रेखा सीधी हो और इसमें कोई जोड़ न हो, तो व्यक्ति प्रभावशाली होता है।
4. चौथी मणिबंध रेखा तीसरी रेखा के पक्ष को मजबूत करते हुए व्यक्ति को सब कुछ अधिकतम दिलाती है। ऐसे व्यक्ति को धन के साथ प्रसिद्धि और सम्मान भी मिलता है।

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