language
Hindi

लेख

साप्ताहिक राशिफल: 5 फरवरी से 11 फरवरी 2018
सप्ताह के आरंभ से लेकर आप इसी चिंता में रहेंगे कि ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने के लिए क्या करना चाहिए। इन सात दिनों में आप जो भी कार्य करेंगे उसमें सफलता मिलनी तय है, भाग्य भी आपके साथ-साथ चलेगा। आपके लिए इनकम के नए स्रोत बनेंगे। व्यापार-व्यवसाय में संतोषजनक स्थिति रहेगी। आपको भाई-बंधुओं से लाभ होगा।
Horoscope
/ प्रस्तुति : पंकज खन्ना
बृहस्पति हुए वक्री, जानिए 4 महीने तक आपकी राशि पर रहेगा कैसा असर
9 मार्च, 2018 से गुरु ग्र्ह वक्री होने जा रहे हैं और 11 जुलाई, 2018 तक वह इसी स्थिति में रहेंगे। जाहिर तौर पर इस बदलाव का असर सभी 12 राशियों पर रहेगा।
/ प्रस्तुति : ऐस्ट्रोस्पीक लेख
साप्ताहिक राशिफल: 29 जनवरी से 4 फरवरी राशिफल
सप्ताह के शुरुआती दिनों में आपको निजी तौर पर कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, इस अवधि में आपको कोई अप्रत्याशित हानि भी उठानी पड़ सकती है। परिवार में किसी संपति को लेकर विवाद हो सकता है, इन सभी कारणों के चलते आपका मन अस्थिर रहने वाला है।
/ प्रस्तुति : पंकज खन्ना
क्या आपके ऊपर भी चल रही है शनि की ढैय्या या साढ़ेसाती... जानिए वक्री शनि की दशा में क्या मिलेगा आपको
बात करते हैं उन राशियों की जिनके ऊपर पहले से ही शनि की साढ़ेसाती चल रही है। इस सूची में सबसे पहला नाम है वृश्चिक राशि का। इस स्थिति में पारिवारिक जीवन में अशांति पैदा हो सकती है, परिस्थितियां आपको स्वयं नियंत्रित करनी होंगी।
/ प्रस्तुति : ऐस्ट्रोस्पीक टीम
जानिए कैसा होता है नवंबर में जन्मे व्यक्तियों का स्वभाव
इस माह में जन्म लिए लोग बचत के मामले में बहुत आगे होते हैं।
/ प्रस्तुति : ऐस्ट्रोस्पीक टीम
रत्न परीक्षण: कैसे जांचें रत्नों की शुद्धता
ज्योतिष विद्या के अंतर्गत रत्न विज्ञान को बड़ी प्रमुखता के साथ अपनाया गया है। वैदिक ज्योतिष में रत्नों का प्रचलन बढ़ गया है। रत्न खरीदना और पहनना आसान है परन्तु वो रत्न असली है या नकली ये बात पता लगाना बहुत कठिन है। रत्न की शुद्धता की जांच करना अपने आप में एक कठिन विषय है। रत्नों की पहचान भी एक कला है जिसमें अनुभव के साथ-साथ तकनीकी बारीकियों का ज्ञान आवश्यक है।
Gemstone
/ प्रस्तुति : ऐस्ट्रोस्पीक टीम
बुध का मकर राशि में गोचर: जानिए आप पर प्रभाव
वैदिक ज्योतिष के अंतर्गत बुध को बुद्धिमत्ता, बौद्धिक क्षमता और संचार का ग्रह माना जाता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में बुध की स्थिति अच्छी होती है, उसे तीव्र बुद्धि वाला जातक माना जाता है, वह सोचने-समझने में बहुत तेज होता है, वहीं बुध के अशुभ प्रभाव की वजह से यह परिणाम इसके उलट साबित होते हैं।
Planets
/ प्रस्तुति : ऐस्ट्रोस्पीक टीम
बहुत खास होते हैं दिसंबर माह में जन्मे व्यक्ति
दिसंबर माह में जन्मे व्यक्ति सत्य, शांति और न्याय के पक्षधर होते हैं।
/ प्रस्तुति : ऐस्ट्रोस्पीक लेख
वास्तु का अर्थ
वास्तु शास्त्र एक विज्ञान है जो हमारे घर और काम के स्थान पर समृद्धि, मानसिक शांति, खुशी और सामंजस्य को प्राप्त करने में मदद करता है। वास्तु हमारे चारों ओर उपस्थित विभिन्न ऊर्जा को इस तरीके से कवच के रूप में पिरोता है कि व्यक्ति सद्भाव से रहता है।
/ प्रस्तुति : ओम प्रकाश
टैरो कॉर्ड रीडिंग : सामान्य सिद्धांत
वैदिक ज्योतिष में जन्म कुंडली, हस्तरेखा और न्यूमरोलॉजी आते हैं। वैदिक ज्योतिष और टैरो दोनों भविष्य फल कथन की विभिन्न प्रणालियों में से ऐसी विद्याएं मानी हैं गयी हैं जिनका भारत में ही नहीं बल्कि विश्व में सर्वाधिक प्रचलन हो रहा है और इनका भविष्य जानने के लिए सहारा लिया जाता है। ज्योतिष की दुनिया की सभी विधाओं में एक और विधा भी है जिसे टैरो कार्ड रीडिंग कहा जाता है। टैरो कार्ड के ऊपर कुछ रहस्यमय प्रतीकात्मक चिह्न बने होते हैं, जो ताश के पत्तों की तरह दिखते हैं। इससे संबंधित व्यक्ति के साथ भविष्य में होने वाली घटनाओं को बहुत हद तक अनुमानित कर सकते हैं। टैरो कार्ड के ऊपर अंक, रंग, संकेत तथा पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश जैसे पांच तत्व दर्शाए गए होते हैं।
/ प्रस्तुति : ऐस्ट्रोस्पीक टीम
कौन सा पौधा आपको दिलवाएगा धनलाभ, बताएगी आपकी राशि
पेड़-पौधे, खेत-खलिहान, बारिश, आसमान, ये सब प्रकृत्ति की अनोखी देन है जो मनुष्य जीवन को सहज और खुशहाल रखते हैं।
/ प्रस्तुति : ऐस्ट्रोस्पीक टीम
वृषभ राशि में गोचर करेंगे शुक्र, राशिअनुसार जानिए कैसा बीतेगा आपका यह समय
शुक्र का यह गोचर आपकी राशि के चौथे भाव में होने जा रहा है, इस दौरान आपके घर का वातावरण शांत और खुशहाल रहने की उम्मीद है। गोचर के दौरान आप नया घर या गाड़ी खरीदने की योजना को भी अंजाम दे सकते हैं।
Detailed life prediction
/ प्रस्तुति : ऐस्ट्रोस्पीक टीम
क्रूर और पापी ग्रहों का शुभ फल कब मिलता है, जानिए
ब्रह्माण्ड में मौज़ूद सभी ग्रहों में से नौ ग्रह सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि एवं राहु व केतु हमारे ऊपर गहरा प्रभाव डालते हैं। छाया ग्रह होने के बावज़ूद राहु-केतु का असर जीवन पर काफी बड़ा होता है। इन सभी नौ ग्रहों में से गुरु, शुक्र तथा बलवान चंद्र पूर्ण रूप से शुभ कहलाते हैं। जबकि सूर्य व मंगल क्रूर ग्रह कहलाते हैं एवं शनि सहित राहु व केतु को नैसर्गिक पापी ग्रह कहा जाता है। इसके साथ ही बलहीन चंद्र व पापी ग्रह के प्रभाव में आकर बुध भी पापी ग्रह की तरह व्यवहार करने लगते हैं। यानि इस प्रकार कुल नौ ग्रहों में तीन नैसर्गिक पापी और दो ग्रह चंद्र एवं बुध अपनी स्थिति के आधार पर पापी बन जाते हैं तथा सूर्य व मंगल वैसे तो क्रूर ग्रह हैं किंतु कुछ शास्त्रज्ञों ने इन्हें भी क्रूर व पापी संज्ञक माना है।
Planets
/ प्रस्तुति : ऐस्ट्रोस्पीक टीम
सूर्य ग्रहण 2018: ये 5 राशियां रहें सतर्क
मात्र 15 दिनों के अंतराल के बाद साल 2018 का ग्रहण भी आने वाला है। जबसे यह वर्ष प्रारंभ हुआ है तब से ग्रहण का सिलसिला भी चल रहा है, पहले चंद्र ग्रहण और अब सूर्य ग्रहण, जो 16 फरवरी को होगा। जाहिर तौर पर ज्योतिष के दृष्टिकोण से यह समीकरण सही नहीं है लेकिन विज्ञान इन सभी घटनाओं को लेकर हमेशा उत्साहित रहता है।
/ प्रस्तुति : ऐस्ट्रोस्पीक टीम
विवाह के लिए कुंडली मिलान क्यों है ज़्यादा महत्वपूर्ण?
विवाह योग्य वर-कन्या के अभिभावक मात्र गुण मिलान को वरीयता देते हैं। उनका कुंडली मिलान से कोई सरोकार नहीं होता है। ये पूरी तरह हास्यपद बात होने के साथ ही उनके अल्पज्ञान का प्रदर्शन भी है। किंतु आप एक सामान्य इंसान से एस्ट्रोलॉजी के विशेष ज्ञान की आस भी कैसे लगा सकते हैं। होता ये है कि केवल गुण मिलान के कारण लाखों दाम्पत्य जीवन पूरी तरह बर्बाद हो जाते हैं।
Marriage
/ प्रस्तुति : राम पाण्डेय
क्या ज्योतिष के माध्यम से बदल सकती है मनुष्य की किस्मत
भाग्य को मानने वालों को कर्म में विश्वास होना चाहिए क्योंकि भाग्य का रास्ता कर्म करने से ही खुलता है। किस्मत भी कर्म करने वाले लोगों पर ही मेहरबान होती है। मनुष्य की कामयाबी उसके कर्मों पर आधारित होती है, अगर कर्म बहुत अच्छे हों तो भाग्य को बदला जा सकता है। अगर हम भाग्य में लिखा मिलेगा मानकर कर्म न करें तो जीवन बहुत कठिन हो जाता है। स्वभाव से मनुष्य को कर्म करके भाग्य को अपनाना चाहिए। गीता के सार भगवान कृष्ण ने कहा है :
/ प्रस्तुति : ओम प्रकाश
सूर्य का मकर राशि में गोचर: 14 जनवरी के बाद बदलेगी इनकी किस्मत
भारत वर्ष त्यौहारों का देश है, 365 दिनों के वर्ष में हर दिन कोई ना कोई खास तिथि या त्यौहार अवश्य होता है। कुछ को समस्त देश मिल-जुलकर मनाता है तो कुछ देश के किसी विशिष्ट कोने में मनाए जाते हैं। ऐसा ही है उत्तर भारत का प्रचलित त्यौहार मकर संक्रांति, जिसे उत्तर भारत के पश्चिम भाग में लोहड़ी के तौर पर मनाया जाता है, दक्षिण में पोंगल, और उत्तर–पूर्वी भारत में बिहू के नाम से मनाया जाता है।
Planets
/ प्रस्तुति : ऐस्ट्रोस्पीक टीम
उत्तरकालामृत ग्रन्थ की इन विशेषताओं के बारे में नहीं जानते होंगे आप
दक्षिण भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य कालीदास (कवि कालीदास से भिन्न) ने तेरहवीं शताब्दी में प्रसिद्ध ग्रंथ उत्तरकालामृत ग्रन्थ की रचना की थी। इस ग्रन्थ के आधार पर अनेकानेक शुभ-अशुभ लग्नों का शोधन किया जाता है। उत्तरकालामृत ग्रन्थ नामक इस ग्रंथ में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, कर्ण छेदन, यज्ञोपवीत सहित गर्भाधान, पुंसवन आदि अनेक संस्कारों के लिए शुभाशुभ मुहूर्तों की गणना और व्याख्या दी गई है।
/ प्रस्तुति : ओम प्रकाश
जुलाई में जन्मे व्यक्ति का व्यक्तित्व
इस माह में जन्में लोग बिना बात के किसी भी व्यक्ति से पंगा नहीं लेते हैं।
/ प्रस्तुति : ऐस्ट्रोस्पीक टीम
विनाशकारी है मंगल-राहु से बना “अंगारक योग”, जानिए उपाय
किसी इंसान की कुण्डली में क्षत्रिय प्रकृति का ग्रह मंगल जब असुर प्रकृति वाले राहु अथवा केतु के साथ संयोग करे तो एक विशेष प्रकार का योग “अंगारक” निर्मित होता है। मंगल तथा राहु-केतु का संबंध उनके एक ही भाव में साथ बैठने से बन सकता है अथवा एक-दूसरे से दृष्टिगत संबंध भी बन सकता है।
Planets
/ प्रस्तुति : ऐस्ट्रोस्पीक टीम